प्रॉपराइटरशिप आपको उद्यमी बनाता है और बिजनेस खड़ा करने के लिए कानूनी अनुपालनों का झंझट भी नहीं होता। 40 लाख रुपए तक के सालाना कारोबार पर आपको टैक्स भी नहीं चुकाना पड़ेगा। यदि आप नौकरी के बंधन में रहना पसंद नहीं करते हैं तो प्रॉपराइटरशिप आपके लिए शानदार विकल्प हो सकता है। इसके तहत आप आम जरूरत के सामान का स्टोर खोल सकते हैं, टी स्टॉल शुरू कर सकते हैं या फिर कोई छोटी-मोटी फैक्टरी भी खोल सकते हैं।
प्रॉपराइटरशिप फर्म शुरू करने के लिए मोटे तौर पर सिर्फ दो दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है- एड्रेस प्रूफ और आईडी प्रूफ। आप सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड और रेंट एग्रीमेंट के साथ बिजली बिल लगाकर नगर निगम से लाइसेंस ले सकते हैं और गुमास्ता पंजीकरण करा सकते हैं। कुछ राज्यों में नगर निगम के पास दुकान या फर्म का फोटो भी जमा कराना पड़ता है।
प्रॉपराइटरशिप शुरू करने के चार चरण
एंटीटी का नाम रखें
बिजनेस एंटीटी के नाम पर ही उसका रजिस्ट्रेशन होगा। किसी अन्य एंटीटी से मिलते-जुलते नाम पर भी आप बिजनेस शुरू कर सकते हैं।
जगह तय करें
नाम की तरह प्रॉपराइटरशिप फर्म के तहत शुरू किए जा रहे बिजनेस की जगह भी तय होनी चाहिए। पते के बिना रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाएगा। रेंट पर ले रहे हैं तो एनओसी भी ले लें।
पूंजी जुटाएं
हर बिजनेस के लिए पूंजी की जरूरत होती है। यदि पूंजी नहीं है तो आप प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत बैंक से रियायती दरों पर लोन ले सकते हैं।
कानूनी औपचारिकता
नगर निगम से प्रॉपराइटरशिप के तहत खोले गए फर्म का लाइसेंस लें और गुमास्ता पंजीकरण कराएं। पैन न हो तो यह भी बनवा लें। इन दो दस्तावेजों से आपका काम हो जाएगा।