दुबई
अमेरिका ने एक असामान्य कदम उठाते हुए अरब सागर में अपने महाविनाशाक बी-1बी लांसर बॉम्बर के साथ शक्ति प्रदर्शन किया है। इस अमेरिकी बॉम्बर ने हिंद महासागर में स्थित ब्रिटिश नौसैनिक अड्डे डियागो गार्सिया से उड़ान भरी और 5 घंटे तक लगातार उड़ान भरता रहा। इस दौरान बी-1बी बॉम्बर ने अरब सागर, अदन की खाड़ी, फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी, स्वेज नहर, लाल सागर के ऊपर से उड़ान भरी। अमेरिकी बॉम्बर के शक्ति प्रदर्शन के दौरान बहरीन, मिस्र, इजरायल और सऊदी अरब की वायुसेना के फाइटर जेट साथ नजर आए।
इनमें से ज्यादातर देशों के साथ ईरान का तनाव काफी बढ़ा हुआ है। यही नहीं ईरान और अमेरिका में भी बयानबाजी काफी तेज हो गई है। इस शक्ति प्रदर्शन के बाद अमेरिकी बॉम्बर वापस डियागो गार्सिया लौट आया। इस उड़ान के दौरान अमेरिकी बॉम्बर के साथ इजरायल के एफ-15 बाज फाइटर जेट नजर आए। अमेरिका ने डियागो गार्सिया में अपने बी-1बी बॉम्बर की तैनाती करके खुद को इस स्थिति में ला दिया है कि वह पूरे पश्चिम एशिया, अफ्रीका और पश्चिमी प्रशांत महासागर में कहीं भी कार्रवाई या प्रशिक्षण मिशन को अंजाम दे सकता है।
पूरी दुनिया के किसी भी इलाके में हमला में हमला करने की ताकत
इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने इस घटना का एक वीडियो भी अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है। आईडीएफ ने कहा कि यह ज्वाइंट फ्लाइट अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का एक उदाहरण है। इस समय ईरान की वायु सेना भी हवाई युद्धाभ्यास कर रही है। IDF के इस मिशन से जुड़े वीडियो को शेयर करने को ईरान के लिए खुला संदेश माना जा रहा है। अमेरिका शुरू से ही इजरायल का समर्थक राष्ट्र रहा है।