मोतियाबिंद दिल की बीमारियों जैसे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाता है। यह दावा ऑस्टेलिया के सेंटर फॉर आई रिसर्च के अध्ययन में किया गया है। शोधकर्ता डॉ. मैथ्यु गॉर्सकी का कहना है, मोतियाबिंद का दिल से एक कनेक्शन मिला है। रिसर्च के नतीजे बताते हैं कि मरीजों को समय-समय पर अपनी आंखों की जांच कराते रहना चाहिए। खासकर आप बुजुर्ग हैं या किसी तरह की बीमारी से जूझ रहे हैं तो। आप कितने सेहतमंद हैं मोतियाबिंद इसका सिग्नल देता है।
मोतियाबिंद क्या है और होता क्यों है?
आसान भाषा में समझें तो आंखों पर सफेद चकत्ते जैसे पैच बनने को मोतियाबिंद कहते हैं। ऐसा होने पर इंसान को सबकुछ धुंधला दिखाई देता है। मरीजों को चलने-फिरने में भी दिक्कत होती है, खासकर रात में। अगर समय पर इसका इलाज न हो तो मरीज को स्थायीतौर पर दिखना बंद हो सकता है।
यह बुजुर्गों में होने वाली बीमारी है। बढ़ती उम्र में अगर स्मोकिंग और अल्कोहल का सेवन करते हैं तो मोतियाबिंद का खतरा और ज्यादा बढ़ता है। यह बीमारी को बढ़ाने वाले रिस्क फैक्टर्स हैं।
रिसर्च कब और कैसे हुई, इसे समझें
शोधकर्ताओं ने 1999 से 2008 के बीच 15 हजार अमेरिकी मरीजों पर रिसर्च की। इनके स्वास्थ्य से जुड़े डाटा की एनालिसिस की। इनकी उम्र 40 या इससे अधिक थी। इनमें से 2 हजार मरीज ऐसे थे जिनकी मोतियाबिंद की सर्जरी हुई थी।