सर्दी में एलर्जी के मामले 70% तक बढ़ जाते हैं। जब भी व्यक्ति एलर्जी पैदा करने वाले कणों (एलर्जेंस) के संपर्क में आता है तो शरीर हिस्टामाइन रसायन खून में जारी करता है, जिसके कारण छींक आना, आंखों से आंसू बहना, सिरदर्द की शिकायत होती है।एलर्जी का कारण बनने वाले एलर्जेंस 0.3 माइक्रॉन से लेकर 400 माइक्रॉन तक के हो सकते हैं। धूल के कण 20 माइक्रोन के होते हैं। ऐसे मरीजों में इलाज के तौर पर इम्यूनोथेरेपी दी जाती है। कुछ सावधानियों, बचाव और इम्यूनोथेरेपी से एलर्जी ठीक हो सकती है।
इनसे हो सकती है एलर्जी
- पशुओं के बालों की रूसी
- मधुमक्खी या कीड़ों का काटना
- कोई खाने की चीज
- दवाएं जैसे पेनिसिलिन या एस्पिरिन
- पौधे के पराग या फफूंदी
- धूल के कण