पुरानी और नई कारों को बेचने वाला प्लेटफॉर्म कारदेखो ने इक्विटी और डेट के जरिए 250 मिलियन डॉलर (करीब 1884 करोड़ रुपए) जुटाए हैं। इसके साथ ही इसका वैल्यूएशन 1.2 बिलियन डॉलर (करीब 9 हजार करोड़ रुपए) हो गया है। माना जा रहा है कि अगले साल इसका IPO आ सकता है।
लीपफ्रॉग इन्वेस्टमेंट्स के नेतृत्व में मिराए एसेट, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, कैन्यन पार्टनर्स और हार्बर स्प्रिंग कैपिटल जैसे अन्य नए इन्वेस्टर्स ने इसमें निवेश किया है। इसके मौजूदा इनवेस्टर्स में सिकोइया कैपिटल, हिलहाउस कैपिटल और गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट की इनवेस्टमेंट यूनिट CapitalG शामिल है।
कारदेखो 2021 में भारत का 33वां यूनिकॉर्न बन गया है। यूनिकॉर्न ऐसे स्टार्टअप को कहा जाता है जिसका वैल्यूएशन कम से कम एक अरब डॉलर का है। पिछले फंडिंग राउंड में CarDekho की वैल्यू लगभग 70 करोड़ डॉलर की थी।
प्लेटफॉर्म पर 3000 से ज्यादा कारें मौजूद
कारदेखो 100 से ज्यादा बाजारों में कार खरीदता है और इसके प्लेटफॉर्म पर 3000 से अधिक कारें हैं, जिनका एनुअल रेवेन्यू रन रेट 100 मिलियन डॉलर (करीब 753 करोड़ रुपए) है। कारदेखो के पास इंश्योरेंस वर्टिकल भी है, जिसने हाल ही में एक बायर फोकस्ड प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है।