ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर उस्मान ख्वाजा ने खुलासा किया है कि उन्होंने पूरे इंटरनेशनल करियर में रूमेटॉइड आर्थराइटिस छिपाकर रखा।
ख्वाजा ने बताया कि उन्हें 22 साल की उम्र में इस बीमारी का पता चला था। उस समय वे न्यू साउथ वेल्स के लिए प्रोफेशनल क्रिकेट में जगह बना रहे थे।
बीमारी के कारण उनके बाएं घुटने में तेज दर्द रहता था। उन्हें लगा कि वे दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाएंगे। दवा और नियमित इंजेक्शन से वे करीब छह महीने बाद मैदान पर लौटे।
ख्वाजा ने जनवरी 2026 में सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया के पांचवें एशेज टेस्ट के बाद इं