छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की OTS-2 योजना को बड़ी सफलता, अब तक 62.5 प्रतिशत संपत्तियों का विक्रय

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की OTS-2 योजना को बड़ी सफलता, अब तक 62.5 प्रतिशत संपत्तियों का विक्रय

 

251.71 करोड़ रुपये मूल्य की 1,659 संपत्तियां बिकीं, पूर्ववर्ती OTS योजना की तुलना में विक्रय प्रतिशत में उल्लेखनीय वृद्धि

मंडल आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने की योजना की समीक्षा, शेष आवासों में लिफ्ट, मरम्मत और मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त करने के दिए निर्देश

रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग में शुरू होंगे आवास रथ, इच्छुक खरीदारों को कराया जाएगा उपलब्ध संपत्तियों का प्रत्यक्ष अवलोकन

मार्च 2027 तक मिलेगा OTS-2 योजना के अंतर्गत 10 से 30 प्रतिशत तक छूट का लाभ

रायपुर, 24 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों को किफायती दरों पर आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियां उपलब्ध कराने तथा वर्षों से रिक्त पड़ी संपत्तियों के बेहतर उपयोग की दिशा में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 (OTS-2) महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में संचालित इस योजना के अंतर्गत अब तक 62.5 प्रतिशत संपत्तियों का विक्रय किया जा चुका है। योजना के माध्यम से कुल 251.71 करोड़ रुपये मूल्य की 1,659 आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों का विक्रय हुआ है।

OTS-2 योजना के अंतर्गत कुल 2,656 संपत्तियों को विक्रय के लिए शामिल किया गया था। इनमें से अब केवल 997 संपत्तियां विक्रय के लिए शेष हैं, जिनका कुल मूल्य 134.40 करोड़ रुपये है। योजना की सफलता से जहां वर्षों से रिक्त पड़ी संपत्तियों का उपयोग सुनिश्चित हो रहा है, वहीं आम नागरिकों को रियायती दरों पर अपना घर एवं व्यावसायिक परिसर प्राप्त करने का अवसर भी मिल रहा है।

पूर्ववर्ती योजना की तुलना में OTS-2 का प्रदर्शन बेहतर

वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 की उपलब्धि पूर्व में संचालित OTS योजना की तुलना में उल्लेखनीय रही है। सितंबर 2021 से मार्च 2024 तक संचालित पूर्ववर्ती वन टाइम सेटलमेंट योजना के अंतर्गत लगभग 511 करोड़ रुपये मूल्य की 2,591 आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों को शामिल किया गया था। इस अवधि में कुल 88.28 करोड़ रुपये मूल्य की 506 संपत्तियों का विक्रय हुआ था, जिसमें विक्रय का प्रतिशत 17.27 रहा था। वहीं वर्तमान OTS-2 योजना में अब तक 62.5 प्रतिशत संपत्तियों का विक्रय हो चुका है।

इस प्रकार पूर्ववर्ती योजना की तुलना में वर्तमान योजना के विक्रय प्रतिशत में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की संपत्ति विक्रय व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलाव तथा रियायती दरों पर संपत्तियां उपलब्ध कराने की नीति के प्रभावी परिणामों को दर्शाती है।

मंत्रिपरिषद के निर्णय से मिली योजना को गति

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 19 जनवरी 2025 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की पांच वर्ष से अधिक समय से अविक्रित आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के एकमुश्त निपटान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था। इसके अंतर्गत ऐसी संपत्तियों को लागत मूल्य (बेस रेट) पर निर्धारित छूट प्रदान कर विक्रय करने की स्वीकृति दी गई थी।

मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुरूप 1 मार्च 2025 से वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 प्रारंभ की गई। योजना में संपत्तियों के रिक्त रहने की अवधि तथा संबंधित परियोजना में रिक्त संपत्तियों के अनुपात के आधार पर 10, 20 एवं 30 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान किया गया है। इस पहल से लंबे समय से अविक्रित संपत्तियों के विक्रय को गति मिली है तथा नागरिकों के लिए आवास एवं व्यावसायिक संपत्ति खरीदने के नए अवसर उपलब्ध हुए हैं।

मंडल आयुक्त ने की समीक्षा, शेष संपत्तियों के विक्रय में तेजी लाने के निर्देश

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के मुख्यालय में 23 अक्टूबर को मंडल आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने OTS-2 योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजना के अंतर्गत अब तक विक्रय की गई संपत्तियों, शेष उपलब्ध आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयों तथा उनके विक्रय की संभावनाओं की जानकारी ली।

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