युवा बड़े सपने देखें, अपनी सफलता को समाज और राष्ट्र की सेवा से जोड़ें : राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु

युवा बड़े सपने देखें, अपनी सफलता को समाज और राष्ट्र की सेवा से जोड़ें : राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु

 

अन्न का सम्मान, किसानों के योगदान को स्वीकार करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा हम सभी का सामूहिक दायित्व : राष्ट्रपति

विकसित भारत के निर्माण में युवाओं और महिलाओं की समान भागीदारी आवश्यक

जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा फैल रहा है : राष्ट्रपति

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति में नुआखाई जुहार पर सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का जीवन देश की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

सेवा संकल्प अभियान के रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने किया रक्तदान, 1,188 महिलाएं भी बनीं मानवता की इस मुहिम में सहभागी

रायपुर अक्टूबर 2026/ युवा बड़े सपने देखें, अपने विचारों को व्यापक बनाएं और अपनी सफलता को समाज एवं राष्ट्र की सेवा से जोड़ें। परिस्थितियां और चुनौतियां अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन प्रत्येक युवा के भीतर कुछ नया करने, बेहतर बनाने और अपनी पहचान स्थापित करने की ललक होनी चाहिए। जब युवाओं के व्यक्तिगत प्रयास सामूहिक और राष्ट्रीय लक्ष्यों से जुड़ेंगे, तभी देश की प्रगति का मार्ग और अधिक प्रशस्त होगा। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में नुआखाई के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सहित बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित थे।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने नुआखाई की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नुआखाई मिलन केवल एक सांस्कृतिक समारोह नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध परंपराओं, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। ऐसे आयोजन हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने, अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने और भारतीय जीवन मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि नुआखाई हमारी कृषि परंपरा को सहेजने, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और सामुदायिक भावना को मजबूत करने का पर्व है। अन्न केवल हमारी भूख मिटाने का साधन नहीं, बल्कि किसान भाई-बहनों के परिश्रम, धरती की उदारता और प्रकृति के अनमोल उपहार का प्रतीक है। अन्न का सम्मान करना, किसानों के योगदान को स्वीकार करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।

ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा-भाव जोड़ें युवा

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने युवाओं से कहा कि वे जीवन में सीखना कभी बंद न करें। पुस्तकें पढ़ें, प्रश्न पूछें, नई चीजों को समझें और अपने ज्ञान एवं कौशल को निरंतर विकसित करें। जीवन में लक्ष्य तय करें और चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करें। सफलता और असफलता जीवन का हिस्सा हैं। असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीखकर स्वयं में सुधार करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि युवाओं को ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा-भाव को जोड़ना चाहिए। आपका ज्ञान किसी जरूरतमंद के काम आए, आपकी प्रतिभा किसी समस्या का समाधान करे और आपकी सफलता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बने, तभी उपलब्धि की वास्तविक सार्थकता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्र का निर्माण केवल बड़े निर्णयों से नहीं होता, बल्कि करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे ईमानदार प्रयासों से होता है। प्रत्येक युवा जो भी कार्य करे, उसे ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ करे। ये गुण विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवाओं के योगदान को और सशक्त बनाएंगे।

विकसित भारत के लिए महिलाओं की समान भागीदारी जरूरी

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महिलाओं की समान भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। देश की आधी आबादी को आगे बढ़ाए बिना राष्ट्र पूरी क्षमता के साथ प्रगति नहीं कर सकता।

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