CBI ने बैंक भर्ती में 5 साल के पुराने डेटा की जांच के जरिए नौकरी पाने वाले फर्जी अभ्यर्थियों का खुलासा किया है

CBI ने बैंक भर्ती में 5 साल के पुराने डेटा की जांच के जरिए नौकरी पाने वाले फर्जी अभ्यर्थियों का खुलासा किया है

CBI ने बैंक भर्ती में 5 साल के पुराने डेटा की जांच के जरिए नौकरी पाने वाले फर्जी अभ्यर्थियों का खुलासा किया है। परीक्षा के दौरान जुटाए गए आंखों के स्कैन (आइरिस) से फर्जीवाड़े के जरिए नौकरी पाने वाले 257 संदिग्ध उम्मीदवार मिले।

इनमें 172 अलग-अलग बैंकों में नौकरी कर रहे थे। सीबीआई अब देशभर में अन्य फर्जी अफसरों की तलाश में जुटी है। आईबीपीएस ने इन सभी कार्यरत लोगों के साथ-साथ अन्य संदिग्धों को भी आजीवन के लिए परीक्षा से डिबार कर दिया है।

संबंधित बैंकों को उनके सर्विस रूल्स के तहत कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अब इनकी नौकरी जाने के साथ गिरफ्तारी की भी तलवार लटक रही है। सीबीआई ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि, 135 लोगों को आरोपी बनाया है।

इस संबंध में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में आरोपियों की धरपकड़ और कार्रवाई की गई है। मध्य प्रदेश में तो इस संबंध में जांच के बाद ग्रामीण बैंक के 19 कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है।

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