डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर होते भारतीय रुपए को संभालने और मनी मार्केट में उतार-चढ़ाव पर लगाम लगाने के लिए RBI ने दो फैसले किए हैं। RBI ने सरकारी तेल कंपनियों की डॉलर की डेली जरूरतों को पूरा करने के लिए एक ‘स्पेशल डॉलर विंडो’ शुरू की है।
इसके अलावा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने फॉरेक्स डेरिवेटिव ट्रेडिंग से जुड़े नियमों में भी सख्ती कर दी है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इन फैसलों से रुपए को तुरंत थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन गिरावट के लंबे ट्रेंड को पूरी तरह पलटना मुश्किल होगा।
रुपया 2026 में अब तक 7% गिर चुका
शुक्रवार, 9 अक्टूबर को डॉलर के मुकाबले रुपया 96.73 के स्तर पर बंद हुआ था, जो मई में दर्ज इसके 96.96 के ऑल-टाइम-लो के काफी करीब है।