18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) को आपस में जोड़ने के पायलट प्रोजेक्ट की तैयारी कर रहा है। चीन-रूस इसके को-पायलट होंगे।
मकसद ब्रिक्स देशों में कमर्शियल पेमेंट्स में अमेरिकी डॉलर जैसी तीसरी मुद्रा पर निर्भरता कम करना है। इसमें कोई नई साझा मुद्रा जारी नहीं होगी।
सम्मेलन नई दिल्ली के भारत मंडपम में 11 से 13 सितंबर के बीच होने जा रहा है।
भारत के डिजिटल रुपए, चीन के डिजिटल युआन और रूस के डिजिटल रूबल जैसी राष्ट्रीय डिजिटल मुद्राएं एक साझा क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट सिस्टम से जुड़ेंगी।