देश में प्रोटीन अब सिर्फ जिम और फिटनेस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रोजमर्रा की ग्रॉसरी का हिस्सा बन रहा है। मार्केट रिसर्च फर्म रेडसीर के मुताबिक, 80% जेन जी (युवा पीढ़ी) प्रोटीन को जरूरी मानती है। 2024 से 2025 के बीच क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर प्रोटीन सप्लीमेंट के विकल्प 230% बढ़े।
वहीं, कंज्यूमर इंटेलिजेंस फर्म एनआईक्यू (पुराना नाम नीलसनआईक्यू) के अनुसार 37% भारतीय अगले 12 महीनों में डाइट में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन बढ़ाना चाहते हैं। दूध, दही, पनीर, स्नैक्स और बेवरेज में प्रोटीन अब प्रमुख मार्केटिंग दावे के रूप में उभर रहा है।
आम पैकेट से दो