सोशल मीडिया कंपनी मेटा और भारत सरकार के बीच चल रही बैठकों के बाद एक बड़ा कानूनी और तकनीकी सवाल खड़ा हो गया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक मुख्य मुद्दा यह है कि क्या मेटा के रिकमेंडेशन सिस्टम और पैसों के बदले कंटेंट का प्रमोशन उसे एक साधारण प्लेटफॉर्म बनाए रखते हैं या फिर वह पब्लिशर की भूमिका में आ जाती है।