बहुत-से लोग, खास तौर पर चालीस-पचास साल के, नौकरीपेशा लोग और हमारी उम्र के लोग भी मुझसे कहते

बहुत-से लोग, खास तौर पर चालीस-पचास साल के, नौकरीपेशा लोग और हमारी उम्र के लोग भी मुझसे कहते

बहुत-से लोग, खास तौर पर चालीस-पचास साल के, नौकरीपेशा लोग और हमारी उम्र के लोग भी मुझसे कहते हैं, ‘सर, मुझे राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है।’

मैं उनसे कहता हूं, ‘आपको राजनीति में दिलचस्पी नहीं है?’ कहना तो ऐसा हुआ जैसे कोई कहे, ‘मुझे प्रदूषण में कोई दिलचस्पी नहीं है।’ अरे भाई, आपको प्रदूषण में दिलचस्पी हो या न हो, आप उसी हवा में सांस ले रहे हैं, उसी माहौल में जी रहे हैं, वही आपके खाने-पीने में घुला हुआ है। यह दिलचस्पी का सवाल ही नहीं है।

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