फेरारी की पहली इलेक्ट्रिक कार ‘ल्यूस’ की करीब 6 करोड़ कीमत को लेकर दुनियाभर में बहस छिड़ गई है। लॉन्चिंग के बाद कंपनी के शेयरों में 8% तक गिरावट आई। निवेशकों ने सवाल उठाए और इटली के राजनीतिक गलियारों से लेकर ऑटो इंडस्ट्री तक आलोचना शुरू हो गई।
लेकिन फेरारी के सीईओ बेनेडेटो विग्ना इस कीमत को जायज ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक इलेक्ट्रिक कार नहीं, बल्कि नायाब रियल इनोवेशन है। मोडेना में एक राउंड टेबल बैठक में विग्ना ने कहा कि ल्यूस की तुलना बाजार में मौजूद चीनी या अन्य इलेक्ट्रिक कारों से नहीं की जा सकती। इस मॉडल के पीछे जिस स्तर की इंजीनियरिंग, डिजाइन और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हुआ है, वही इसकी ऊंची कीमत की सबसे बड़ी वजह है।