मैदान पर दिखने वाली सफलता सिर्फ ताकत, फिटनेस और अभ्यास का नतीजा नहीं होती। बड़े खिलाड़ी अपने दिमाग को भी उसी तरह तैयार करते हैं, जैसे शरीर को। पिछले कुछ वर्षों में खिलाड़ियों, कोच और स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट्स के बीच एक बात बार-बार सामने आई है कि चैम्पियन खिलाड़ी अपने दिमाग को संभालना जानते हैं।