जहां लोग 30 की उम्र में रिटायरमेंट का मन बनाने लगते हैं, वहीं पंजाब की बेटी मनजिंदर नागरा ने साबित कर दिया है कि हौसले की एक्सपायरी डेट नहीं होती। 1990 के दशक में ब्रिटेन की पहली सिख महिला रग्बी खिलाड़ी बनकर इतिहास रचने वाली 51 वर्षीय मनजिंदर अब एक नया अध्याय लिखने जा रही हैं।