28 फरवरी को जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान में मुजतबा खामेनेई के पिता (अयातुल्ला अली खामेनेई) के ठिकाने पर हमला किया था, तब से वह छिपकर रह रहे हैं। उसी हमले में अयातुल्ला खामेनेई, पत्नी और बेटे की मौत हो गई। मुजतबा खुद भी घायल हो गए और अब डॉक्टरों की एक टीम उनकी देखभाल कर रही है। उनसे मिलना बहुत मुश्किल है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान जो पेशे से हार्ट सर्जन हैं और स्वास्थ्य मंत्री भी उनके इलाज में शामिल रहे हैं। मुजबता से मिलने बड़े अधिकारी और सेना के कमांडर नहीं जाते, क्योंकि उन्हें डर है कि इजराइल उनके जरिए ठिकाने का पता लगाकर हमला कर सकता है।
मुजतबा खामेनेई की हालत गंभीर रही है, लेकिन दिमाग से वह पूरी तरह एक्टिव हैं। उनके एक पैर का तीन बार ऑपरेशन हुआ है और अब उन्हें नकली पैर लगाना पड़ेगा। एक हाथ की भी सर्जरी हुई है और वह धीरे-धीरे ठीक हो रहा है। उनके चेहरे और होंठ बुरी तरह जल गए हैं, जिससे बोलना मुश्किल है और आगे प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत पड़ेगी।