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कुदरत का ‘डबल रोल’: कहीं सूरज उगल रहा आग, तो कहीं बादलों ने थामी बागडोर

कुदरत का ‘डबल रोल’: कहीं सूरज उगल रहा आग, तो कहीं बादलों ने थामी बागडोर

नई दिल्ली | भारत इस समय मौसम के दो विरोधाभासी दौर से गुजर रहा है। एक तरफ सूरज की तपिश और ‘हीटवेव’ ने मैदानी इलाकों को भट्टी बना दिया है, तो दूसरी तरफ पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से पहाड़ी और कुछ मैदानी राज्यों में बादलों की आवाजाही ने उम्मीद की किरण जगाई है।

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