वाशिंगटन। मध्य पूर्व में हालिया जंग ने शक्ति संतुलन की पूरी तस्वीर बदलकर रख दी है। जहां कभी अमेरिका के सैन्य ठिकाने उसकी ताकत और प्रभाव को दिखाते थे, वहीं अब बर्बाद हो चुके बेस उसकी सबसे बड़ी कमजोरी दिखा रहे है। ईरान के जवाबी हमलों ने सऊदी अरब, यूएई, कतर और बहरीन जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ढांचे को गहरी चोट पहुंची है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के कम से कम एक दर्जन सैन्य ठिकाने इतने बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं कि अब उनका इस्तेमाल करना मुश्किल हो गया है। एक अमेरिकी अखबार ने पहले ही बताया था कि हमलों की वजह से अमेरिकी एयरबेस इस्तेमाल करने योग्य भी नहीं हैं। हालांकि ट्रंप प्रशासन ने अब तक नुकसान की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।