नई दिल्ली। ब्रोकरेज फर्म सिस्टेमैटिक्स की एक हालिया रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, आने वाली तिमाहियों में कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी (उपभोक्ताओं पर आधारित) सेक्टर को विकास और चुनौतियां दोनों का सामना करना पड़ सकता है। उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं, कच्चे माल (इनपुट) की बढ़ती लागत और विनियामक दबावों के कारण इस सेक्टर की विकास दर और मुनाफे पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।
आभूषण और परिधान क्षेत्र में मजबूत बढ़त
वित्तीय वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही में इस सेक्टर में कुल मिलाकर अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है। यह मुख्य रूप से वैल्यू अपैरल (किफायती परिधान) रिटेल, प्रीमियम फैशन और आभूषणों के मजबूत प्रदर्शन से प्रेरित था।
आभूषण: सोने की कीमतों में महंगाई, शादियों की मांग और त्योहारी खरीदारी के दम पर इस क्षेत्र ने असाधारण वृद्धि देखी है। हालांकि, उत्पाद मिश्रण में बदलाव के कारण मार्जिन में थोड़ी नरमी आ सकती है। सिस्टेमैटिक्स ने कहा, ” वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में आभूषण उद्योग ने उल्लेखनीय लचीलापन और मजबूत विकास गति का प्रदर्शन किया है, जिसमें सोने की कीमतों में भारी अस्थिरता के बावजूद उपभोक्ता मांग मजबूत रही है”।