तेहरान/इस्लामाबाद|पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हाई-लेवल वार्ता शुरू हो गई है। यह बातचीत बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि यही तय करेगी कि क्षेत्र में शांति कायम होगी या फिर संघर्ष और बढ़ेगा। इस बीच ईरान के उपराष्ट्रपति का बयान सामने आने के बाद वार्ता पर नया सस्पेंस पैदा हो गया है।
ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने साफ चेतावनी दी है कि अगर बातचीत में इस्राइल फर्स्ट की सोच हावी रही तो कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका फर्स्ट के नजरिए से बातचीत होती है तो दोनों देशों और दुनिया के लिए अच्छा समझौता संभव है। यह बयान साफ तौर पर वार्ता की दिशा और शर्तों को लेकर ईरान का सख्त रुख दिखाता है।
शहबाज शरीफ ने बैठक पर क्या कहा?
शहबाज शरीफ ने इस बैठक को मेक या ब्रेक करार दिया है। यह वार्ता 8 अप्रैल को हुए संघर्षविराम के बाद हो रही है। पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या यह बातचीत स्थायी शांति का रास्ता बनाएगी या फिर हालात और बिगड़ेंगे।
कौन-कौन शामिल है इस अहम बातचीत में?
ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबा