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कानूनी विवाद के बीच अदाणी समूह ने कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखा

कानूनी विवाद के बीच अदाणी समूह ने कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखा

नई दिल्ली। भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी ने अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (एसईसी) की तरफ से उनके खिलाफ दर्ज सिविल फ्रॉड केस को खारिज करने की मांग की है। मंगलवार को न्यूयॉर्क की ब्रुकलिन फेडरल कोर्ट में दाखिल एक याचिका में अदानी के वकीलों ने एसईसी के दावों को अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया।

अदानी और उनके भतीजे सागर अदाणी पर नवंबर 2024 में आरोप लगा था कि उन्होंने अदानी ग्रीन एनर्जी के लिए लाभ पाने हेतु भारतीय अधिकारियों को करोड़ों डॉलर की रिश्वत देने का वादा किया था। एसईसी का दावा है कि 2021 में 6,965 करोड़ रुपये के बॉन्ड ऑफरिंग दस्तावेजों में इस योजना को छिपाया गया। अदालती फाइलिंग में वकीलों ने दलील दी कि यह मामला अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन है, क्योंकि घटना और संबंधित व्यक्ति भारत के हैं। साथ ही वे बॉन्ड कभी अमेरिकी एक्सचेंज पर ट्रेड नहीं हुए थे। वकीलों ने रिश्वतखोरी के दावों को निराधार बताते हुए कहा कि इसमें अदाणी की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी। फिलहाल इस मामले पर एसईसी की ओर से प्रतिक्रिया नहीं आई है।

एजीआर बकाया मामले में वोडाफोन आइडिया को राहत

दूरसंचार विभाग ने वोडाफोन-आइडिया के समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) से जुड़े बकाये के पुनर्मूल्यांकन की समय-सीमा जून तक बढ़ा दी है। पहले इस प्रक्रिया को 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था। स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क की समीक्षा के चलते समय-सीमा बढ़ाई गई है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वोडाफोन-आइडिया को

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