नई दिल्ली। भारत के कॉरपोरेट जगत से जुड़ी एक अहम कानूनी लड़ाई में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने अदाणी ग्रुप की ₹14,535 करोड़ की बोली के जरिए जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के अधिग्रहण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हालांकि, अदालत ने एक महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए जेएएल की निगरानी कर रही मॉनिटरिंग कमेटी को बिना नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) की अनुमति के कोई बड़ा नीतिगत फैसला लेने से रोक दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि इस मामले में सभी पक्ष खासतौर पर वेदांता लिमिटेड और अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड अपनी दलीलें एनसीएलएटी के सामने रखें। अदालत ने एनसीएलएटी को निर्देश दिया कि वह इस मामले की सुनवाई तेजी से पूरी करे। एनसीएलएटी इस विवाद पर 10 अप्रैल से अंतिम सुनवाई शुरू करेगा।
विवाद की पृष्ठभूमि
दरअसल, वेदांता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए एनसीएलएटी के उस आदेश को चु