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अमेरिका के भारी हमलों के बावजूद ईरान की मजबूती बरकरार, क्या है राज?

अमेरिका के भारी हमलों के बावजूद ईरान की मजबूती बरकरार, क्या है राज?

तेहरान | अमेरिका और इस्राइल पांच हफ्तों में 12,300 से ज़्यादा ईरानी ठिकानों पर हमले कर चुके हैं। व्हाइट हाउस और पेंटागन बड़ी कामयाबी का दावा कर रहे हैं, लेकिन अमेरिकी मीडिया की मानें तो खुफिया एजेंसियां खुद इन दावों पर सवाल उठा रही हैं। ईरान के मिसाइल बंकर घंटों में दोबारा चालू हो रहे हैं। आधे से ज्यादा लॉन्चर अभी भी सुरक्षित हैं और हजारों ड्रोन अभी भी तैयार हैं। तो असली तस्वीर क्या है? जानिए

ईरान युद्ध को लेकर पहले वो बड़ी बातें, जो आपको जाननी चाहिए:

ईरानी सेना ने एक अमेरिकी F-15E लड़ाकू जेट को गोलाबारी में मार गिराया। दो पायलट वाले इस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की पुष्टि दोनों देशों के अधिकारियों ने की है। घटना के बाद एक पायलट को बचा लिया गया है, जबकि दूसरा अभी भी लापता है। दूसरे पायलट की तलाश की जा रही है। इस बीच, ईरान ने मध्यस्थता की पाकिस्तान की पेशकश को सिरे से खारिज कर दिया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह पाकिस्तान में अमेरिका नेतृत्व वाले किसी भी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात नहीं करेगा। अमेरिका पांच हफ्तों में ईरान के 12,300 ठिकानों पर हमले कर चुका है। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, ईरान घंटों में अपने मिसाइल बंकर दोबारा चालू कर रहा है।ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद से अब तक कम से कम 2,076 लोगों की मौत हो चुकी है और 26,500 लोग घायल हुए हैं।अब सवाल-दर-सवाल जानते हैं असली हालात…

क्या ईरान की मिसाइल क्षमता सच में तबाह हो गई?

द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इस दावे पर संदेह जताया है कि अमेरिका ईरान की मिसाइल क्षमता को नष्ट करने के करीब है, जबकि यही इस युद्ध का एक प्रमुख लक्ष्य था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ईरान के पास अभी भी इतनी बैलिस्टिक मिसाइलें और लॉन्चर बचे हैं कि वह इस्राइल और खाड़ी के अन्य देशों

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