नई दिल्ली। अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले से ठीक एक दिन पहले, भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर पाइन गैस संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रुवैस पोर्ट पर 45 हजार मीट्रिक टन गैस लोड कर रहा था। उस वक्त जहाज के चीफ ऑफिसर सोहन लाल और उनके साथ मौजूद 27 भारतीय क्रू सदस्यों को उम्मीद थी कि वे एक हफ्ते के भीतर अपने घर पहुंच जाएंगे। लेकिन जैसे ही जंग शुरू हुई, सामरिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद हो गया। ईरान ने इस समुद्री रास्ते में माइन्स बिछा दिए और जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी, जिससे यह टैंकर करीब तीन हफ्ते तक वहीं फंसा रहा। इस दौरान