आईपीएल के उभरते सितारे सनराइजर्स हैदराबाद के अनिकेत वर्मा की कहानी सिर्फ क्रिकेट की नहीं, बल्कि दर्द, संघर्ष और हौसले की कहानी है। उनकी जिंदगी की शुरुआत ही एक ऐसे दर्द से हुई, जिसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं। महज तीन साल की उम्र में उन्होंने अपनी मां को खो दिया। उस उम्र में जब बच्चे दुनिया को समझना शुरू करते हैं, अनिकेत के हिस्से में एक गहरा खालीपन आ गया। घर में हालात बदल गए। पिता ने दूसरी शादी कर ली, लेकिन अनिकेत के जीवन में सबसे बड़ा सवाल था, अब उनका सहारा कौन बनेगा?तभी उनकी दादी और चाचा उनका सहारा बने। इन दोनों ने अनिकेत को एक स्टार बनाने के लिए सबकुछ त्याग दिया। उन्होंने खुद दर्दभरी जिंदगी काटी, लेकिन अनिकेत के सफलता के रास्ते में कोई कठिनाई नहीं आने दी। अब अनिकेत आईपीएल में खूब चमक रहे हैं, लेकिन उनका सफर और उनकी कहानी भावुक कर देने वाली है। आइए जानते हैं…
अनिकेत वर्मा का बचपन
तीन साल की उम्र में मां को खो देने के बाद अनिकेत के मन में उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकी। वह अक्सर चुप रहते, अपने ही ख्यालों में खोए रहते थे। यहीं से कहानी में एंट्री होती है उनके अंकल अमित वर्मा की। खुद किशोर उम्र में थे, लेकिन जिम्मेदारी का बोझ अचानक कंधों पर आ गया। उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया कि अनिकेत को झांसी से भोपाल ले जाएंगे। उन्होंने तय किया कि अनिकेत को एक बेहतर माहौल देना होगा।भोपाल में ही अनिकेत की दादी पार्वती वर्मा रहती थीं। यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन यही कदम आगे चलकर अनिकेत की जिंदगी का टर्निंग पॉइंट बना। अमित ने कहा, ‘अनिकेत हमेशा मेरे और मां के करीब था, इसलिए हमने उसे भोपाल लाने का फैसला किया।’
कम उम्र में जिम्मेदारी, संघर्ष भरा सफर
भोपाल में दादी पार्वती वर्मा के साथ अमित और अनिकेत का नया जी