पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से 29 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक मध्य प्रदेश में बादल-बारिश की स्थिति बनी रहेगी। इसका असर भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में देखने को मिलेगा। इस दौरान ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में कहीं-कहीं ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है। 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के भी आसार हैं।
आने वाले दो दिनों में तापमान में भी 2 से 3 °C तक गिरावट होने का अनुमान है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों में कटी रखी या खड़ी रबी की फसलों (गेहूं, चना, सरसों) को नुकसान पहुंचने की आशंका है। मौसम विभाग ने किसानों को फसल सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है। शनिवार (28 मार्च 2026) को नर्मदापुरम में तापमान 38.5 °C दर्ज किया गया। रतलाम में 38.2 °C व खरगोन में 38 °C रहा।
नए सिस्टम का दिखेगा असर, 1 अप्रैल तक बारिश