Google Analytics Meta Pixel
आपूर्ति संकट से महंगाई बढ़ने के आसार, West Asia हालात बने चिंता

आपूर्ति संकट से महंगाई बढ़ने के आसार, West Asia हालात बने चिंता

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब एशिया-प्रशांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है। अगर यह संकट लंबा चलता है तो 2026-27 के दौरान क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि में 1.3 फीसदी अंक तक गिरावट आ सकती है, जबकि महंगाई 3.2 फीसदी बढ़ सकती है। कहा जा रहा कि संघर्ष का असर मुख्य रूप से महंगे ऊर्जा शुल्क, आपूर्ति शृंखला में बाधा, व्यापार में रुकावट और वित्तीय परिस्थितियों के सख्त होने के रूप में सामने आ रहा है। रेटिंग एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, एशिया के देशों का पश्चिम से सीधा व्यापार भले कम हो, लेकिन वे ऊर्जा आयात और वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर निर्भर होने के कारण ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। रेटिंग एजेंसियों ने खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य का जिक्र किया है, जहां से दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल और गैस की सप्लाई गुजरती है। इसका बड़ा हिस्सा एशिया तक पहुंचता है।

प्रभावित हुई शिपिंग, कैसे?

मौजूदा तनाव के कारण यहां शिपिंग प्रभावित हुई है, जिससे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया और कुछ समय के लिए यह 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। इसके अलावा, वित्तीय बाजारों में भी तनाव दिखा। शेयर बाजार गिरे हैं और बॉन्ड यील्ड बढ़ी है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कीमतों को पूरी तरह नियंत्रित करने के बजाय उन्हें आंशिक रूप से बढ़ने दिया जाए, ताकि

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *