वॉशिंगटन|अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध अब अपने चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू करने के फैसले की जिम्मेदारी अपने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ पर डाल दी है। टेनेसी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप के एक बयान ने वाशिंगटन के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
क्या हेगसेथ ने की थी युद्ध की वकालत?
दरअसल सोमवार को मेम्फिस सेफ टास्क फोर्स की एक बैठक में ट्रंप ने संकेत दिया कि हेगसेथ उनके प्रशासन के पहले वरिष्ठ अधिकारी थे जिन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का सुझाव दिया था। ट्रंप ने अपने बगल में बैठे हेगसेथ की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘पीट, मुझे लगता है कि आप सबसे पहले बोलने वाले व्यक्ति थे और आपने कहा था, ‘चलो यह करते हैं क्योंकि आप उन्हें परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दे सकते’।’ ट्रंप ने आगे बताया कि ऑपरेशन को मंजूरी देने से पहले उन्होंने हेगसेथ, जनरल केन और कई अन्य महत्वपूर्ण लोगों को फोन किया था।
युद्ध का चेहरा बने हेगसेथ
फरवरी के अंत में शुरू हुए इस युद्ध का उद्देश्य ईरान के मिसाइल कार्यक्रम, ड्रोन उत्पादन और नौसैनिक शक्ति को नष्ट करना बताया गया है। पीट हेगसेथ इस युद्ध के सबसे प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे हैं। वे नियमित रूप से पेंटागन में मीडिया को ब्रीफिंग दे रहे हैं और अमेरिकी सैन्य उद्देश्यों का बचाव कर रहे हैं। हाल ही में जब उनसे युद्ध की समयसीमा के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कोई निश्चित तारीख बताने से इनकार कर दिया और कहा कि मिशन सही रास्ते पर है और ट्रंप ही इसके अंत का फैसला करेंगे।
ट्रंप प्रशासन के भीतर मतभेद
रिपोर्ट्स के अनुसार, युद्ध शुरू करने के फैसले पर ट्रंप प्रशा