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होर्मुज संकट से बढ़ेगा महंगाई का दबाव, क्रूड की कीमतों का अनुमान बढ़ा

होर्मुज संकट से बढ़ेगा महंगाई का दबाव, क्रूड की कीमतों का अनुमान बढ़ा

नई दिल्ली। वैश्विक तेल बाजार में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने 2026 के लिए कच्चे तेल की कीमतों का अनुमान काफी बढ़ा दिया है। बैंक ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति में भारी बाधा वैश्विक क्रूड बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा सप्लाई शॉक बन सकती है। गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, 2026 में ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत अब 85 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है, जो पहले के 77 डॉलर के अनुमान से 10.38% ज्यादा है। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) का अनुमान भी बढ़ाकर 79 डॉलर प्रति बैरल कर दिया गया है, जो पहले 72 डॉलर था। यह जानकारी बैंक के विश्लेषक डान स्ट्रुवेन ने अपनी रिपोर्ट में दी।

होर्मुज में भारी बाधा का असर

रिपोर्ट के अनुसार, यह संशोधित अनुमान इस आधार पर लगाया गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति छह हफ्तों तक सामान्य क्षमता के केवल 5% पर रह सकती है। इसके बाद अगले एक महीने में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है।

अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ा जोखिम

तेल बाजार इस समय अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष से प्रभावित है, जो अब चौथे सप्ताह में पहुंच चुका है और इसके खत्म होने के संकेत नहीं हैं। इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है कि वह इस अहम समुद्री मार्ग को फिर से खोले, नहीं तो उसके ऊर्जा ढांचे पर हमले हो सकते हैं। इसके जवाब में ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है।

आपूर्ति में भारी गिरावट की आशंका

गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि पश्चिम एशिया में कच्चे तेल के उत्पादन में नुकसान मौजूदा 1.1 करोड़ बैरल प्रतिदिन से बढ़कर 1.7 करोड़ बैरल प्रतिदिन तक पहुंच सकता है। यदि आपूर्ति बहाल होने में चार हफ्ते लगते हैं, तो कुल नुकसान 800 मिलियन बैरल से अधिक हो सकता है।

वैश्विक सप्लाई पर उठे सवाल

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