नई दिल्ली|तमिलनाडु की राजनीति में रसूख रखने वाली पार्टी पीएमके के भीतर ‘वर्चस्व का युद्ध’ छिड़ा है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने पार्टी के भीतर चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद पर अपना रुख साफ कर दिया है। शीर्ष अदालत ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। हाई कोर्ट ने कहा था कि ‘आम’ चुनाव चिह्न पर मालिकाना हक का फैसला चुनाव आयोग नहीं, बल्कि सिविल कोर्ट करेगा।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, पीएमके संस्थापक रामदास अपने बेटे के खिलाफ चल रहे हैं। उन्होंने पार्टी के नाम, झंडे और चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोकने के लिए कानूनी मोर्चा खोल दिया है। इतना ही नहीं, पिछले साल