नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में गहराते सैन्य संकट और युद्ध के बीच वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस संवेदनशील समुद्री मार्ग पर बढ़ते खतरों को देखते हुए भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। भारतीय नौसेना ने खाड़ी क्षेत्र में अपने युद्धपोतों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है, ताकि कच्चे तेल और गैस लेकर आने वाले भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया जा सके।रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस जलमार्ग के एक तरफ फारस की खाड़ी और दूसरी ओर ओमान की खाड़ी स्थित है। भारत अपनी तेल और गैस की जरूरतों के लिए कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों पर निर्भर है, जिनके टैंकर इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। वर्तमान में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के कारण इस मार्ग पर आवाजाही लगभग ठप हो गई है, जिससे भारत के करीब 22 व्यापारिक