वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के 15वें दिन संघर्ष एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनके आदेश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खार्ग आइलैंड पर अब तक की सबसे शक्तिशाली बमबारी की है। यह हमला न केवल सैन्य दृष्टिकोण से, बल्कि ईरान की अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचाने के इरादे से किया गया है।खार्ग द्वीप फारस की खाड़ी में स्थित एक छोटा कोरल द्वीप है, जिसे ईरान के तेल निर्यात का नर्व सिस्टम माना जाता है। ईरान के कुल कच्चे तेल के निर्यात का लगभग 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा इसी द्वीप के टर्मिनलों से होकर दुनिया भर में जाता है। यही कारण है कि इस द्वीप को तबाह करने का मतलब ईरान की आर्थिक रीढ़ को तोड़ना है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी वायुसेना ने द्वीप पर मौजूद सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है, जिससे तेहरान को भारी रणनीतिक नुकसान हुआ है।
हैरानी की बात यह है कि इस भीषण हमले में फिलहाल तेल के बुनियादी ढांचे को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ने संयम दिखाते हुए तेल टर्मिनलों को सुरक्षित रखा है, ताकि वैश्विक तेल बाजार में अचानक हाहाकार न मचे। हालांकि, उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों का रास्ता रोकने की