जेनेवा। मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष और अस्थिरता के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया है। बहरीन की अगुवाई में लाए गए इस प्रस्ताव में खाड़ी देशों पर ईरान द्वारा किए गए हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की गई है। गौरतलब है कि खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी संपत्ति और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए ये हमले, ईरान पर 28 फरवरी को शुरू हुए उन हमलों के जवाब में थे, जिनमें कथित तौर पर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु हो गई थी।
सुरक्षा परिषद में इस प्रस्ताव के पक्ष में कुल 13 मत पड़े, जबकि दो सदस्य देशों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। विशेष बात यह रही कि किसी भी सदस्य देश ने इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट नहीं किया। भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि वह खुद भी इन हमलों के खतरों से अछूता नहीं है। वहीं, रूस और चीन इस मतदान प्रक्रिया से अनुपस्थित रहे।
पारित किए गए प्रस्ताव में ईरान द्वारा बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन के विरुद्ध की गई सैन्य कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन बताया गया है। सुरक्षा परिषद ने जोर देकर कहा