‘पुरुषों की दुनिया में आगे बढ़ने वाली महिला खास होती हैं’ अमेरिकन सिंगर रिहाना का कहा गया यह कथन हिंदी सिनेमा में अब तक सच नहीं हुआ। 21वीं सदी में आकर भी दुनिया भर में अपनी अलग पहचान बनाने वाले बॉलीवुड में महिला केंद्रित कहानी अपने लिए जगह बनाने की कोशिश में लगी हैं। तमाम कोशिशों के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर ये फिल्में सफलता से कोसों दूर हैं। ऐसा नहीं है कि महिला कलाकार या निर्देशक सार्थक प्रयास नहीं कर रहे हैं। दरअसल, इस स्थिति के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। जानिए, वो कारण क्या हैं?
‘अस्सी’ और ‘मर्दानी 3’ की पहल गई बेकार
इस साल अब तक दो महिला केंद्रित हिंदी फिल्में रिलीज हुईं, ता