वाशिंगटन। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि जमीन पर तैनात सैनिकों की शायद जरूरत नहीं पड़ेगी। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब के रियाद में यूएस एम्बेसी पर हमले और सदस्यों की मौत का जल्द ही बदला लिया जाएगा। सोमवार तक एक्शन में छह अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं। ट्रंप का यह बयान उनके पहले वाले दावे से अलग है। ईरान पर शनिवार को हमले करने के बाद ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट से कहा था कि हर राष्ट्रपति कहता है, जमीन पर कोई सैनिक नहीं होगा। मैं ऐसा नहीं कहता। मैं कहता हूं शायद उनकी जरूरत नहीं है।
ईरान, इजराइल और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच युद्ध सोमवार को तेजी से बढ़ा, जिसमें तेहरान के सपोर्ट वाले मिलिशिया भी शामिल हो गए और पूरे मिडिल ईस्ट में हमलों का दायरा बढ़ गया। ईरान ने इजराइल और कई अरब देशों पर मिसाइलें दागीं, जबकि हिज्बुल्लाह ने लेबनान से रॉकेट और ड्रोन से इजराइल पर हमले किए। इजराइल ने बेरूत के दक्षिणी सबअर्ब और दक्षिणी लेबनान में भारी हवाई हमले करके जवाब दिया। लेबनानी अधिकारियों ने कम से कम 31 मौतों की पुष्टि की। वहीं इजराइल ने लंबी लड़ाई की चेतावनी दी है।
यह बढ़ोतरी अमेरकी-इजराइली हमलों के बाद हुई है जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई मारे गए थे। ईरानी अधिकारियों