नोएडा के रहने वाले आशीष ने नई नौकरी लगते ही म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू कर दिया। आशीष ने एक या दो नहीं, बल्कि `2,000 की 12 अलग-अलग म्यूचुअल फंड SIP शुरू कर दीं। उन्हें लगा कि उन्होंने एक बड़ा पोर्टफोलियो बना लिया है और उन्होंने सोचा कि जितने ज्यादा फंड होंगे, उतना ही ज्यादा विविधीकरण होगा और उतना ही ज्यादा पैसा बनेगा। आशीष जैसे कई लोग SIP के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के अनुसार, 2025 की शुरुआत में SIP के माध्यम से मासिक निवेश 26,400 करोड़ रुपये था, जो जनवरी 2026 तक 31,002 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि, हकीकत यह है कि आशीष का पोर्टफोलियो संतुलित नहीं है, बल्कि यह पोर्टफोलियो ओवरलैपिंग का शिकार है। आशीष के 12 फंडों में से 10 ने रिलायंस, एचडीएफसी बैंक और इंफोसिस के शेयर खरीद रखे हैं। यह निवेश नहीं है, इसे ओवर-डाइवर्सिफिकेशन कहा जाता है। अगर रिलायंस का शेयर गिरता है, तो आशीष के सभी 12 फंड एक साथ नीचे आएंगे