Google Analytics Meta Pixel
जब देश ढूंढ रहा था हीरो, तब उभरे ब्रायन बेनेट: क्या किसान का बेटा बदलेगा जिम्बाब्वे की तकदीर? IPL खेलना सपना

जब देश ढूंढ रहा था हीरो, तब उभरे ब्रायन बेनेट: क्या किसान का बेटा बदलेगा जिम्बाब्वे की तकदीर? IPL खेलना सपना

जब जिम्बाब्वे क्रिकेट अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा था, तब देश को एक नए चेहरे, एक नई उम्मीद की तलाश थी। बड़े नाम विदा ले चुके थे, सपने बिखर चुके थे और भरोसा डगमगा रहा था। ऐसे समय में हरारे के एक साधारण घर से उठी गेंद-बल्ले की आवाज अब विश्व मंच तक गूंज रही है। 22 वर्षीय ब्रायन बेनेट आज जिम्बाब्वे की नई सुबह का प्रतीक बन चुके हैं। वह जिम्बाब्वे क्रिकेट के टूटते सपनों के बीच एक नई किरण बनकर उभरे हैं। वह न तो किसी अकादमी से उभरे, न किसी बड़े वादे से जाने गए, बल्कि घर के पिछले हिस्से में लगे छोटे से नेट पर अभ्यास कर विश्व मंच तक पहुंचे। उस नेट में वह और उनके भाई घंटों क्रिकेट खेलते थे, बिना यह सोचे कि एक दिन वह देश की नई उम्मीद बन जाएंगे।

क्यों चर्चा में हैं ब्रायन बेनेट?

जब से टी20 विश्वकप टूर्नामेंट (2007 से) शुरू हुआ है, कभी ऐसा नहीं हुआ कि कागज पर कमजोर दिखने वाली टीम का बल्लेबाज टूर्नामेंट के शीर्ष पांच सबसे ज्यादा रन बनाने वालों में शामिल हो। पर ब्रायन बेनेट ने यह क

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *