अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से अलग-अलग देशों पर टैरिफ लगाने के फैसले को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति ने जिन शक्तियों को इस्तेमाल करते हुए वैश्विक स्तर पर टैरिफ लगाए, वह उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर है। इस फैसले के बाद डोनाल्ड ट्रंप सरकार बैकफुट पर आ गई। हालांकि, ट्रंप ने तुरंत अपनी आपात शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए एक बार फिर पूरी दुनिया से होने वाले व्यापार पर 10 फीसदी नए आयात शुल्क लगाने का दांव खेला। हालांकि, उनका यह फैसला सिर्फ अंतरिम तौर पर लागू होगा और लंबी अवधि में नए टैरिफ की वैधता भी खत्म हो जाएगी।
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमानप्रीमियम
भारत और पड़ोस की सियासत: कैसा बांग्लादेश बनाना चाहते हैं रहमान, नई सरकार पर रहेंगी नजरें ट्रंप के अलग-अलग देशों पर टैरिफ लगाने से लेकर सुप्रीम कोर्ट के इन आयात शुल्कों को अवैध करार दिए जाने और अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से एक बार फिर 10 फीसदी टैरिफ का एलान किए जाने के बाद भारत समेत पूरी दुनिया में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। दरअसल, भारत के साथ-साथ दुनिया के कई देश ट्रंप के टैरिफ के असर को कम करने के लिए एक अंतरिम व्यापार समझौता कर चुके हैं या इस पर अंतिम मुहर लगने का इंतजार कर रहे हैं। इसके तहत अमेरिका के बढ़े हुए टैरिफ कई देशों पर लागू किए गए थे। ऐसे में सवाल यह है कि क्या सुप्रीम कोर्ट का फैसला ट्रंप के टैरिफ के साथ उन अंतरिम समझौतों को भी खत्म कर देगा। आइये जानते हैं…