ढाका। बांग्लादेश में अब बीएनपी की सरकार है। बहुमत से चुनी गई नई सरकार के सामने देश की इकोनॉमी को दोबारा पटरी पर लाने, भारत से रिश्ते सुधारने, अल्पसंख्यकों की हिफाजत करने के साथ ही कट्टरपंथ से निपटने की चुनौतियां हैं। बीएनपी के सेंट्रल कमेटी मेंबर और सांसद डॉ. अब्दुल मोईन खान जिनमा पार्टी और सरकार की पॉलिसी बनाने में अहम योगदान है। मोईन खान पीएम रहमान के करीबी सलाहकार माने जाते हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मोईन खान ने कहा सरकार के सामने पहली चुनौती इकोनॉमी को सुधारना है। बांग्लादेश से लाखों डॉलर बाहर ले जाए गए। इंडस्ट्री खत्म कर दी गई हैं। कारोबारी सरकार का हिस्सा बन गए। दूसरी चुनौती लोकतांत्रिक ढांचे को बेहतर बनाना है। तीसरी चुनौती संस्थाओं की बहाली करने की है। ब्यूरोक्रेसी से लेकर ज्यूडिशियरी और बैंकिंग सिस्टम तक, सब बहाल करना है। अवामी लीग की तानाशाही और गलत नीतियों की वजह से ये हालात बने।
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की विदेश नीति का मूलमंत्र है- दोस्ती सभी के साथ, दुश्मनी