मनोज बाजपेयी की ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर छिड़े विवाद के बीच अब निर्माता नीरज पाडें ने सुप्रीम कोर्ट के सामने अपना स्टेटमेंट दिया है। नीरज पांडे ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि फिल्म का नया शीर्षक अभी तय नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि हमने ‘घुसखोर पंडित’ का शीर्षक और प्रचार सामग्री वापस ले ली है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने नीरज पांडे द्वारा ‘घुसखोर पंडित’ का शीर्षक वापस लेने संबंधी हलफनामे को रिकॉर्ड में लिया और फिल्म के खिलाफ दायर याचिका का निपटारा कर दिया।
किसी धर्म, समुदाय या नागरिक की धार्मिक भावनाओं का अपमान नहीं करती फिल्म
शीर्ष न्यायालय में अपना हलफनामा दाखिल करते हुए नीरज पांडे ने कहा कि फिल्म किसी भी धर्म या समुदाय का अपमान नहीं करती या उन्हें निशाना नहीं बनाती है। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोपों का खंडन करते हुए उन्होंने कहा कि मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं कि न तो मेरा और न ही मेरे प्रोडक्शन हाउस का भारत के किसी भी नागरिक की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई जानबूझकर या दुर्भावनापूर्ण इरादा था। फिल्म किसी भी माध्यम से किसी भी धर्म, समुदाय या धार्मिक मान्यताओं का अपमान नहीं करती है।