अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के निदेशक जीत अदाणी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में कहा कि एआई आने वाले समय में संप्रभुता की परिभाषा बदल देगा। भारत के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह एआई को सिर्फ अपनाएगा या खुद विकसित कर वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करेगा।
देश को क्या करना होगा तय?
उन्होंने कहा कि देश को यह तय करना होगा कि वह इंटेलिजेंस आयात करेगा या खुद उसका निर्माण करेगा, किसी और की प्रणाली से जुड़ेगा या अपनी प्रणाली विकसित करेगा। उनके अनुसार, भारत का उदय प्रभुत्व के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक संतुलन और समावेशी तकनीकी ढांचे के निर्माण के लिए है।
संप्रभुता आधुनिक राष्ट्रवाद की बुनियादी नींव हैं