ढाका। बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के पतन के करीब डेढ़ साल बाद देश को आज नया प्रधानमंत्री तारिक रहमान के रुप में मिल गया। इसके साथ ही बांग्लादेश में एक नए युग की शुरुआत हो गई। जहां मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार में बांग्लादेश ने खुलकर भारत विरोधी स्टैंड अपनाया, वहीं बीएनपी ने सत्ता में वापसी से पहले अच्छे संकेत दिए हैं। बीएनपी ने भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की बात कही है। वहीं पार्टी के सेक्रेटरी जनरल ने हाल ही में एक बयान में साफ किया है कि शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मामला दोनों देशों के रिश्तों में खटास की वजह नहीं बनेगा। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के सेक्रेटरी जनरल मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने शपथ ग्रहण से ठीक पहले यह बातें कही हैं। उन्होंने कहा है कि बांग्लादेश कानूनी तरीकों से हसीना के प्रत्यर्पण की कोशिश करता रहेगा, लेकिन मुद्दे की वजह से भारत के साथ सहयोग को पटरी से नहीं उतरने देगा। गौरतलब है कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना 20