चीनी ह्यूमनॉइड रोबोट्स का डांस देख विशेषज्ञ बोले- रोबोटिक्स में चीन ने अमेरिका को दी कड़ी टक्कर

चीनी ह्यूमनॉइड रोबोट्स का डांस देख विशेषज्ञ बोले- रोबोटिक्स में चीन ने अमेरिका को दी कड़ी टक्कर

वॉशिंगटन। चीन ने एक भव्य तकनीकी कार्यक्रम में अपनी रोबोटिक्स क्षमता का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने दुनिया का ध्यान खींच लिया। इंसानों जैसे दिखने वाले करीब 25 ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने मंच पर बच्चों के साथ मार्शल आर्ट्स और सिंक्रोनाइज्ड डांस कर दर्शकों को चौंका दिया। रोबोट्स तलवार भांजते, डंडे घुमाते और बैकफ्लिप जैसी जटिल हरकतें करते नजर आए, और खास बात यह रही कि प्रदर्शन के दौरान एक भी रोबोट नहीं गिरा।
यह प्रदर्शन चीन के चर्चित टीवी आयोजन सीसीटीवी स्प्रिंग फेस्टिवल गाला में हुआ, जिसे दुनिया के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले कार्यक्रमों में गिना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मंच लंबे समय से चीन की तकनीकी और औद्योगिक उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का माध्यम रहा है—चाहे वह अंतरिक्ष कार्यक्रम हो, ड्रोन तकनीक या रोबोटिक्स।
एशिया स्थित टेक्नोलॉजी कंसल्टेंसी फर्म के प्रमुख जॉर्ज स्टीलर के अनुसार, इस तरह के राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन का सीधा संबंध सरकार की औद्योगिक नीति से होता है। जिन कंपनियों को यहां अपने उत्पाद दिखाने का अवसर मिलता है, उन्हें बाद में सरकारी ऑर्डर, निवेश और बाजार में बेहतर पहुंच जैसे लाभ मिल सकते हैं।
रोबोट्स के विकास में चीन की कंपनी युनिट्री रोबोटिक्स का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बीते एक वर्ष में रोबोट्स की चाल-ढाल, संतुलन और रियल-टाइम मूवमेंट में जबरदस्त सुधार हुआ है। पिछले साल जहां ये रोबोट साधारण हरकतें करते दिखे थे, वहीं इस बार उन्होंने जटिल मार्शल आर्ट्स मूव्स को भी सटीकता से अंजाम दिया।
तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि यह प्रगति केवल हार्डवेयर तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। रोबोट्स के ‘दिमाग’ को इस तरह प्रशिक्षित किया जा रहा है कि वे भविष्य में फैक्ट्रियों, लॉजिस्टिक्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में बारीक और वास्तविक काम कर सकें।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि रोबोटिक्स और एआई के क्षेत्र में चीन अब अमेरिका को कड़ी चुनौती दे रहा है। हालांकि, तकनीकी प्रतिस्पर्धा का यह दौर आने वाले वर्षों में और तेज होने की संभावना है, जहां दोनों देश उन्नत रोबोटिक्स, स्वचालन और स्मार्ट मशीनों के विकास में निवेश बढ़ा रहे हैं।

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