पाकिस्तान पिछले कई वर्षों से गहराते आर्थिक संकट से जूझ रहा है। देश में बढ़ता बाहरी कर्ज, सुस्त आर्थिक वृद्धि और कमजोर संरचनात्मक सुधार, जो दशकों की खराब शासन व्यवस्था और बाहरी वित्तपोषण पर अत्यधिक निर्भरता का नतीजा हैं। यह देश की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव बना रहे हैं।