भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में फरवरी 2026 को शायद ब्लैक फरवरी के रूप में याद किया जाए। यह वह महीना है जब भारतीय अर्थव्यवस्था की सबसे मजबूत कंपनियों खासकर आईटी कंपनियों ने एक अभूतपूर्व झटके का सामना किया। जिन कंपनियों ने कभी भारतीय बाजार को बुलंदियों पर पहुंचाने में सबसे ज्यादा योगदान दिया था, अब बाजार उन्हीं कंपनियों के लिए जैसे बेरहम हो गया है। मात्र कुछ हफ्तों में ही देश की आईटी सेक्टर की कंपनियों से 50 बिलियन डॉलर मतलब करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये का मार्केट कैप हवा हो गया है।बाजार में आई गिरावट कोई सामान्य समझना किसी बेवकूफी से कम नहीं होगा।। इसके केंद्र में है ‘एंथ्रोपिक’ का नया एआई टूल और निवेशकों का यह डर कि भारतीय आईटी कंपनियों का दशकों पुराना बिलिंग मॉडल अब ध्वस्त होने की कगार पर है। टीसीएस का रिलायंस के बाद दूसरे नंबर से फिसलकर छठे नंबर पर आना इस बदलाव की सबसे बड़ी गवाही है।आइए इस पूरे घटनाक्रम, इसके तकनीकी कारणों और भविष्य की रणनीतियों को इससे जुड़े सवालों के जवाब के जरिए डिकोड करने की कोशिश करते हैं।