रांची। झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में थैलेसीमिया से पीड़ित पांच मासूम बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने के गंभीर मामले में झारखंड हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद आखिरकार प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। हाईकोर्ट के निर्देश पर चाईबासा सदर थाना में सदर अस्पताल के ब्लड बैंक के तत्कालीन लैब टेक्नीशियन मनोज कुमार समेत अन्य संबंधित कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
यह घटना अक्टूबर 2025 की बताई जा रही है। चाईबासा सदर अस्पताल में 5 से 7 वर्ष की आयु के पांच बच्चों को नियमित ब्लड ट्रांसफ्यूजन के दौरान एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ा दिया गया। बाद में जब जांच कराई गई तो सभी बच्चों के एचआईवी पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई, जिससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया। बच्चों के परिजनों ने आरोप लगाया कि ब्लड बैंक में रक्त की जांच और स्क्रीनिंग प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती गई।
मामले की सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस गौतम कुमार की अदालत ने इसे अत्यंत गंभीर और मानव जीवन से जुड़ा मामला बताया। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पीड़ित परिवार संबंधित थाना में शिकायत दर्ज कराएं और थाना प्रभारी तत्काल एफआईआर दर्ज करें। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह के मामलों में देरी अस्वीकार्य है और इससे पीड़ितों को न्याय मिलने में बाधा आती है। अदालत के आदेश के बाद पीड़ित बच्चों में से एक की मां की ओर से दिए गए आवेदन पर चाईबासा सदर थाना में मामला दर्ज किया गया।