टी20 विश्व कप 2026 से पहले पाकिस्तान का ड्रामा जारी है। पाकिस्तान ने 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले टी20 विश्व कप मैच में नहीं खेलने का फैसला लिया है। यह मैच कोलंबो में खेला जाना था। इसने पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को उजागर किया है। पड़ोसी मुल्क, भारत से डरकर अपनी पुरुष टीम को खेलने से तो रोक लिया, लेकिन उसी दिन उनकी महिला टीम भारतीय महिला टीम से पिटने को तैयार है। जी हां, 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच दो मुकाबले होने हैं। ये दो मुकाबले टी20 विश्व कप और महिला राइजिंग स्टार एशिया कप टी20 में खेले जाने हैं। नकवी और पाकिस्तान सरकार को भारत से हार का डर पुरुषों के टी20 विश्व कप का आगाज सात फरवरी को होने जा रहा है। भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाला यह टूर्नामेंट 20 टीमों के बीच खेला जाएगा, जिन्हें चार ग्रुप में बांटा गया है। यह इस टूर्नामेंट का 10वां संस्करण होगा। इनमें सेमीफाइनल और फाइनल समेत कुल 55 मुकाबले खेले जाएंगे। भारत और पाकिस्तान की टीम इस टूर्नामेंट में 15 फरवरी को आमने-सामने आने वाली थीं, लेकिन पाकिस्तान सरकार ने रिलीज जारी कर बताया कि उनकी टीम टी20 विश्व कप में भारत का सामना नहीं करेगी। यह मुकाबला कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाना है। हालांकि, यह फैसला किस वजह से है, इसका किसी को नहीं पता।पाकिस्तान ने तो बांग्लादेश के समर्थन में पहले पूरे टूर्नामेंट के बहिष्कार की धमकी दी थी, लेकिन आर्थिक जोखिमों के डर से ऐसा नहीं किया। अब उन्होंने नया पैंतरा निकाल भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार का एलान कर दिया। हालांकि, आईसीसी की चेतावनी साफ है कि अगर वह मैच का बहिष्कार करते हैं तो उन्हें भारी नुकसान हो सकता है। इस मैच के नहीं होने से होने वाले नुकसान की भरपाई वह पीसीबी की जेब से ही करेंगे। साथ ही उन्हें कई अन्य प्रतिबंधों का भी सामना करना पड़ सकता है। अब पाकिस्तान बड़े जाल में फंस चुका है कि वह बांग्लादेश के प्रति अपना समर्थन दिखाने के लिए क्या करे। एक तरफ गड्ढा तो दूसरी तरफ खाई है। ऐसा कहा जा रहा है कि पीसीबी की आईसीसी से बातचीत जारी है। ऐसे में हमें कोई आश्चर्य नहीं होगा अगर पाकिस्तान अचानक अपना फैसला वापस ले ले और मैदान पर उतर जाए।