ईरान |ईरान और अमेरिका में तनातनी चरम पर पहुंच गई है। आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका ईरान पर कभी भी सैन्य हमला कर सकता है। यही वजह है कि भारत समेत दुनिया भर के देशों ने अपने-अपने नागरिकों से तुरंत ईरान छोड़ने को कहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस तनातनी को तब और बढ़ा दिया, जब उन्होंने ईरान में प्रदर्शनकारियों से अपना आंदोलन तेज करने का आह्वान किया और कहा कि मदद पहुंच रही है। इस बीच, ईरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने हमला किया वह चुप नहीं बैठेगा और मध्य-पूर्व में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर जवाही हमला करेगा।शायद यही वजह है कि अमेरिका ने मध्य-पूर्व में स्थित अपने मिलिट्री बेस से सैनिकों और कर्मियों को वापस बुलाने का फैसला किया है। ईरान ने अमेरिकी हमलों की आशंकाओं के मद्देनजर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, कतर और तुर्की समेत मिडिल ईस्ट के कई देशों को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो वह उनके देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाएगा।
चुप्पी खतरों को कम नहीं करती, US हमले की आशंका के बीच भारत से बोला ईरान
दुनिया भर में अमेरिका के सैन्य अड्डे: कहां, क्यों और कितने अहम?
दुनिया भर में अमेरिका के सैन्य ठिकाने दो तरह हैं। पहला एयर बेस, जहां लड़ाकू विमान रखे जाते हैं और वहां से संचालित किए जाते हैं, और दूसरा नेवल बेस होते हैं, जहां युद्धपोत और नौसैनिक जहाज़ तैनात रहते हैं। जुलाई 2024 तक, अमेरिका के पास दूसरे देशों में कम से कम 128 सैन्य अड्डे हैं। इनमें सबसे बड़ा विदेशी अड्डा दक्षिण कोरिया का कैंप हम्फ्रीज़ है, जो क्षेत्रफल के लिहाज़ से अमेरिका का सबसे बड़ा ओवरसीज़ बेस माना जाता है। ब्राउन यूनिवर्सिटी के वॉटसन इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक, 2001 के बाद 19 से 30 लाख अमेरिकी सैनिकों ने अफगानिस्तान और इराक युद्धों में सेवा दी इनमें से आधे से ज़्यादा सैनिक एक से अधिक बार इन युद्ध क्षेत्रों में भेजे गए।
मिडिल-ईस्ट में कहां-कहां अमेरिकी सैन्य अड्डे?
मध्य-पूर्व के करीब आधा दर्जन मुस्लिम देशों में अमेरिका के सैन्य अड्डे हैं। इनमें सउदी अरब, कतर, UAE, बहरीन, तुर्की, इराक और जॉर्डन शामिल हैं। ये अमेरिकी सैन्य अड्डे मध्य-पूर्व और पश्चिम एशिया में शक्ति संतुलन बनाए रखते हैं। आतंकवाद विरोधी अभियानों में अहम भूमिका निभाते हैं और ईरान, रूस और चीन जैसे देशों पर रणनीतिक दबाव बनाए रखते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक मिडिल ईस्ट में अमेरिका के कुल 19 मिलिट्री बेस हैं। इनमें से हरेक सैन्य अड्डों पर करीब 40 से 50 हजार सैनिक तैनात हैं। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय है। यह बेड़ा खाड़ी क्षेत्रों खासकर लाल सागर, अरब सागर और हिंद महासागर के कुछ हिस्सों में नौसैनिक सुरक्षा और सैन्य अभियानों की निगरानी करता है। समुद्री रक्षा में यह बेड़ा काफी अहम माना जाता है।